What Are The Medicinal Properties of Peepal Tree

आयुर्वेद के अनुसार हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को महत्वपूर्ण माना जाता है | पीपल को सभी पेड़ों में सबसे ज्यादा उपयोगी और सर्वोपरि माना गया है ।इस पेड़ से प्राप्त होने वाले फल ,फूल ,पत्ते ,छाल,दूध जैसा तरल पदार्थ और जड़ का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही अनेक आयुर्वेदिक औषधियाँ बनाने के लिए किया जाता रहा है ।

पीपल के पेड़ का परिचय

यह औषधीय गुणों से भरपूर पेड़ 12 से 15 मीटर तक ऊँचा हो सकता है।आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार पीपल के पेड़ में आयरन ,कैल्शियम ,मैग्नीशियम ,पोटैशियम ,फास्फोरस जैसे लाभकारी खनिज पदार्थ और विटामिन ,प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आपके शरीर को बिमारियों से मुक्त रखने के साथ साथ शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाने में सहायक साबित होते हैं । पीपल के पौधे को आयुर्वेद के अनुसार ऑक्सीजन का भंडार माना गया है ।यह औषधीय पौधा भारत देश में बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है।आयुर्वेद चिकित्सा में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है ।पीपल के पेड़ में एंटीआक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर को अनेक बिमारियों से बचाए रखने में सहायक साबित होता है ।आज इस लेख में हम औषधीय गुणों की खान पीपल के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त करेगें।

health benefits of pipal tree

पीपल के अन्य भाषाओं में नाम

  • हिंदी – पीपल
  • इंग्लिश – पीपल ट्री , बोद्ध ट्री , सेक्रेड फिग
  • संस्कृत – पिप्पल, अश्वत्थ, बोधिवृक्ष
  • ओड़िया – जोरी , पिप्पलो
  • उर्दू – पिपल
  • असामी – अनहोत
  • कोंकणी – पिम्पोल
  • कन्नड़ – अराली
  • गुजराती – पीपरो
  • तमिल – अरशुमरम्, अरसू
  • तेलुगु – राविचेट्टु
  • नेपाली – पीपल
  • पंजाबी – पीपल
  • बंगाली – अस्वत्व्हा
  • मराठी – पिंपल
  • मलयालम – अराचु , अरसु

शरीर के अंदर तीनों दोषों पर पीपल का प्रभाव

आयुर्वेद के अनुसार यह पौधा शरीर में तीनों दोषों (वात ,पित्त और कफ ) को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है । इस पौधे से प्राप्त फल ,पत्ते ,जड़,छाल आदि सभी भागों का उपयोग व्यक्ति के लिए लाभकारी साबित होता है। इसकी तासीर गर्म और स्वभाव में यह कषैला होता है।पीपल का पेड़ असंतुलित कफ दोष को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में पीपल के बारे में कहा गया है कि

व्याख्या— इस श्लोक में कहा गया है कि पीपल मधुर रस से युक्त ,मेद ,कफ ,श्वास,कास और ज्वर का नाश करने वाली होती है एवं वृष्य ,मेधा के लिए लाभकारी और अग्निवर्धक होती है ।

संदर्भ– भावप्रकाश निघटु ,(हरितक्यादिवर्ग ),श्लोक -57
Benefits of Pippal Tree

पीपल के औषधीय गुण आइये जानते हैं :

Health Benefits and medicinal uses of peepal tree

श्वांस रोगों में लाभकारी

आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार अगर व्यक्ति को श्वांस से संबंधित कोई भी परेशानी है तो उसको दूर करने में पीपल का पेड़ लाभदायक साबित होता है ।श्वांस से संबंधित परेशानियों में रोगी को पीपल की छाल के अंदर वाले भाग को अच्छे से सूखाकर इससे चूर्ण तैयार करके उस चूर्ण को सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ रोजाना सेवन करने से यह प्रयोग श्वांस रोगों को जल्दी दूर करने में लाभकारी साबित होता है ।अगर इस प्रयोग का नियमित सेवन किया जाए तो यह दमा जैसी जानलेवा बीमारी को दूर कर देता है। पीपल के पत्तों का अर्क भी श्वांस रोगों में फायदेमंद होता है ।

कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक

आज कल की तनाव भरी ज़िंदगी और गलत खान पान जैसे फ़ास्ट फ़ूड,तला हुआ खाना आदि। इन सभी की वजह से मनुष्य की पाचन क्रिया बहुत जल्दी खराब हो जाती है जिसके कारण वह कब्ज, गैस ,पेट दर्द और अल्सर जैसी हानिकारक बीमारी से ग्रसित हो जाता है ।एक शोध के अनुसार शरीर के अंदर सबसे ज्यादा बीमारियां कब्ज की वजह से आती हैं।इसलिए शरीर की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए आपको पीपल के पत्तों का रस सेवन करना लाभदायक होता है ।आयुर्वेद में पीपल को पित्त नाशक कहा गया है और कब्ज की बीमारी शरीर में पित्त के असंतुलन की वजह से होती है ।इसलिए आपको कब्ज को दूर करने के लिए पीपल के पत्तों का 1 चम्मच रस सुबह और शाम गुनगुने पानी सेवन करना फायदेमंद साबित होता है ।

नपुंसकता को दूर करे

आयुर्वेद के अनुसार पीपल का पेड़ नपुंसकता को दूर करने की रामबाण औषधि मानी गयी है ।अगर यौन कमजोर से ग्रसित व्यक्ति पीपल के फलों से चूर्ण तैयार करके उसको १ चम्मच सुबह और शाम खाना खाने के १ घंटे बाद देसी गाय के दूध के साथ नियमित रूप से सेवन करता है तो यह प्रयोग उसकी नपुंसकता को जल्दी दूर करने के साथ साथ उसके वीर्य की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायक साबित होता है।यौन रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए इस प्रयोग का रोजाना सेवन करना उसकी यौन शक्ति को मजबूत बनाने में मददगार होता है

त्वचा रोगों में मददगार

एक शोध के अनुसार पीपल का पेड़ त्वचा रोगों को दूर करने की उत्तम औषधि साबित होता है ।अगर आप त्वचा के रोगों जैसे दाद ,खुजली और फुंसी आदि से परेशान हैं तो आपको पीपल की छाल को जलाकर उसकी राख के अंदर देसी गाय का घी और नीबू मिलाकर लेप तैयार कर लेना चाहिए और उस लेप को त्वचा की समस्याओं वाले प्रभावित भाग के ऊपर लगा लेने से यह दाद ,खुजली को जल्दी दूर करने में मददगार साबित होता है ।अगर इस प्रयोग का नियमित इस्तेमाल किया जाए तो यह त्वचा को हानिकारक संक्रमण से बचाए रखने में लाभकारी साबित होता है ।

सांप के विष को दूर करने में असरदार

आयुर्वेद के अनुसार पीपल का पेड़ सांप के विष का असर कम करने में बहुत ज्यादा फायदेमंद साबित होता है ।अगर आपको सांप के काट लिए है तो आपको तुरंत पीपल की पत्तियों का रस २ से ३ बूंदे और उसके साथ पत्तियों को चबा लें ऐसा करने से यह प्रयोग शरीर के अंदर विष के असर को कम करने में लाभकारी साबित होता है ।विष संक्रमण को रोकनी के सबसे उत्तम औषधि पीपल का पेड़ माना गया है ।

दांतों के लिए फायदेमंद

आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार अगर व्यक्ति पीपल के पेड़ की दांतुन का इस्तेमाल करता है तो यह उसको दांतों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में सहायक साबित होती है ।अगर आपको दांतों और मसूड़ों में दर्द रहता है तो इस समस्या को दूर करने के लिए आपको पीपल की दांतुन से रोजाना मंजन करना फायदेमंद होता है ।इससे अलग अगर आप पीपल की छाल का चूर्ण ,कत्था को बराबर मात्रा में मिलाकर इस मिश्रण से रोजाना मंजन करने से यह प्रयोग दांतों को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में सहायक साबित होता है ।

घाव को जल्दी दूर करे

आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार शरीर के किसी भी बहग पर अगर घाव हो गया हो तो इस समस्या को दूर करने के लिए पीपल के पत्तों का लेप लाभदायक साबित होता है ।इसके इस्तेमाल के लिए आपको पीपल के पत्तों को पानी के साथ पीसकर उस लेप को घाव के ऊपर लगा लेने से यह घाव को जल्दी भरने में असरदार साबित होता है ।इस प्रयोग का रोजाना इस्तेमाल घाव को जल्दी ठीक कर सूजन को कम करने में मददगार होता है ।

पीलिया को दूर करे

एक शोध के अनुसार जब भी आपको पीलिया प्रभावित करेगा तो आपके अंख ,हाथ ,नाखून और यहाँ तक कि पेशाब का रंग भी पीला हो जाता है ।इस समस्या को दूर करने के लिए आपको पीपल के बिल्कुल नए पत्तों से रस निकालकर उसके अंदर स्वादानुसार मिश्री को मिलाकर नियमित रूप से सेवन करने पर यह प्रयोग पीलिया को लाभदायक साबित होता है ।इस प्रयोग का ४ से ५ दिन नियमित सेवन करने से पीलिया एकदम ठीक हो जाता है ।

Dr. Vikram Chauhan

DR. Vikram Chauhan, MD - AYURVEDA is an expert ayurvedic doctor based in Chandigarh, India and doing his practice in Mohali, India. He is spreading the knowledge of Ayurveda - Ancient healing treatment, not only in India but also abroad. He is the CEO and Founder of Planet Ayurveda Products, Planet Ayurveda Clinic and Krishna Herbal Company. Write at - herbalremedies123@yahoo.com, Contact at - +91-172-521-4030 Websites - www.planetayurveda.com, www.alwaysayurveda.com

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