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Numerous Benefits and Medicinal Properties of Buttermilk(छाछ के अनगिनत लाभ और औषधीय गुण)

आयुर्वेद के अनुसार

आयुर्वेद के अनुसार अगर गर्मियों में छाछ का सेवन नियमित रूप से किया जाए तो यह अमृत के समान औषधि माना जाता है। यह अनेक पोषक तत्व और खनिज पदार्थों से भरपूर होता है जो आपके शरीर को बिमारियों से बचाए रखने में मददगार साबित होते है ।छाछ का उपयोग प्राचीन काल से ही शरीर को ठंडा रखने के लिए और बिमारियों की रोकथाम के लिए होता रहा है ।कुछ लोग छाछ को लस्सी समझते हैं परन्तु यह लस्सी से बिल्कुल अलग है ।

छाछ का परिचय :

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार छाछ बहुत ही ज्यादा हल्का और तरल पेय पदार्थ होता है इसको बनाने के लिए दही को अच्छी तरह से मथा जाता है ।आयुर्वेद के अनुसार छाछ के अंदर दूध से कम वसा पाई जाती है।आयुर्वेद में छाछ को मठ्ठा के नाम से जाना जाता है ।छाछ के अंदर पोटैशियम,कैल्शियम,मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण खनिज पदार्थों क अलावा विटामिन सी और प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो आपके शरीर को बिमारियों से बचाए रखने के अलावा उनसे लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होती है । इस लेख में हम छाछ के बिमारियों की रोकथाम करने वाले गुणों के बारे में जानकारी प्राप्त करेगेंजानते हैं छाछ के लाभकारी फायदे :

Benefits of Buttermilk

1.उच्चरक्तचाप को कम करे :

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का रक्तचाप बढ़ जाता है तो उसको नियमित रूप से छाछ का सेवन करना फायदेमंद होता है ।एक शोध के अनुसार इसके अंदर एंटी बैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो आपके रक्त में हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर रक्त को संतुलित रखने में सहायक साबित होता है ।इस प्रयोग का रोजाना सेवन शरीर में रक्तचाप को संतुलित रखने के अलावा हृदय रोगों से बचाए रखने में मददगार माना जाता है ।

2. अल्सर को दूर करे :

एक शोध के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को पेट से संबंधित बीमारियां जैसे पेट दर्द ,कब्ज ,गैस और अल्सर हो जाती हैं तो उसको रोजाना छाछ का सेवन करना लाभकारी होता है ।इसकी तासीर शीतल होती है जो आपके पेट को शांत रखने के साथ -साथ भोजन को पचाने में सहायक साबित होती है ।छाछ पेट के अंदर जमा अतिरिक्त एसिड को मूत्राशय के रास्ते बाहर निकाल देती है ।

3. त्वचा के लिए फायदेमंद :

गलत खान पान और खराब दिनचर्या की वजह से लोग बहुत जल्दी त्वचा रोगों से ग्रसित हो जाते हैं ।ऐसा इस लिए होता हैं क्योकि हानिकारक बैक्टीरिया शरीर के अंदर जमा हो जाते है जो त्वचा को सबसे ज्यादा प्रभावित करते है ।एक शोध के अनुसार छाछ का रोजाना सेवन शरीर के अंदर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है ।नियमित रूप से छाछ का सेवन त्वचा को स्वस्थ और बिमारियों से सुरक्षित रखता है ।

4. कोलेस्ट्रॉल को रखे संतुलित :

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार गर्मी के दिनों में छाछ का सेवन बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है ।अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया है तो उसको कम करने में छाछ का सेवन करना असरदार साबित होता है ।आयुर्वेद के अनुसार रोजाना छाछ का सेवन शरीर के अंदर कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखता है । शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इस अमृत के समान पेय पदार्थ का सेवन अवश्य करना चाहिए ।

5. कब्ज को दूर करे :

आज के समाज में लोग जंक फ़ूड और तला हुआ खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं जिसकी वजह से उनकी पाचन शक्ति बहुत जल्दी खराब हो जाती है और वह कब्ज की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं ।आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार छाछ का सेवन आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाए रखने में सहायक साबित होता है ।रोजाना छाछ का सेवन आपको कब्ज की बीमारी से सुरक्षित रखता है ।इस लिए कब्ज की समस्या से परेशान व्यक्ति को नियमित रूप से १ गिलास छाछ का सेवन करना चाहिए ।

Amazing Health Benefits of Butter Milk

6. वजन को कम करे :

एक शोध के अनुसार छाछ के अंदर फैट और कैलोरी नहीं पाई जाती जिसकी वजह से यह शरीर की अत्यधिक चर्बी को कम करने में सहायक साबित होता है ।इसके अंदर पाए जाने वाले कैल्शियम ,मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते और ऊर्जा प्रदान करने में मददगार साबित होते हैं । रोजाना मठ्ठे का सेवन भूख को बढ़ने नहीं देता जिससे आपका वजन संतुलित बना रहता है ।

7. बवासीर को खत्म करे :

अगर कोई व्यक्ति बवासीर की बीमारी से ग्रसित है तो उसको छाछ का इस्तेमाल करना लाभकारी होता है ।यह शरीर को ठंडा रखने में सहायक साबित होती है ।आयुर्वेद के अनुसार रोजाना १ गिलास छाछ का सेवन आपकी पाचन क्रिया को मजबूत बनाये रखता है जिससे आप बवासीर जैसी बिमारियों से बचे रहते हैं ।इसके अलावा आधा गिलास छाछ के साथ केला खाने से भी बवासीर की बीमारी को बहुत जल्दी दूर किया जा सकता है।

8. तनाव को दूर करे :

दफ्तर में बहुत ज्यादा कार्य होने की वजह से अनेक लोग तनाव में रहने लग जाते हैं जो आगे चलकर उनके लिए हानिकारक साबित हो सकता है ।इस समस्या को दूर करने के लिए छाछ का रोजाना सेवन फायदेमंद होता है ।आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर को ठंडा रखने के साथ साथ मस्तिष्क को शांत एवं विकारों से बचाए रखने में सहायक साबित होता है ।

9. बालों को झड़ने से बचाए :

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के बाल समय से पहले झड़ने लग गए हैं तो उसको छाछ का इस्तेमाल करना लाभदायक होता है ।आज के समाज में खराब दिनचर्या की वजह से लोगों के बाल समय से पहले झड़ना शुरू हो जाते हैं ।इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए आपको २ से ३ दिन पुरानी छाछ के साथ सप्ताह में २ से ३ बार बालों को धोना लाभकारी होता है ।यह प्रयोग बालों को मजबूत बनाने के अलावा घना और मुलायम बनाने में सहायक होता है ।

10. प्राकृतिक सौंदर्य बनाए रखने में सहायक :

अगर किसी के चेहरे पर दाद ,झुर्रियां या फिर फुंसियां हो गयी हैं तो उसको गेहूं के आटे में छाछ का मिश्रण करके इस लेप को चेहरे के ऊपर रोजाना लगाने से चेहरा प्राकृतिक सौंदर्य से खिल उठता है इससे अलग अगर आप गुलाब के फूल की जड़ को छाछ के साथ अच्छे से पीसकर चेहरे के ऊपर नियमित रूप से लगाते हैं तो चेहरे की छाइयाँ,झुर्रियां और फुंसियां खत्म हो जाती है । यह प्रयोग प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करने में सहायक साबित होता है ।

Benefits and Ayurvedic Properties of Asafoetida(आयुर्वेदिक गुणों से सम्पन्न हींग)

आयुर्वेदिक गुणों से सम्पन हींग

आयुर्वेद के अनुसार हींग एक चिकना और चिपचिपा पदार्थ होता होता है ।प्राचीन काल से ही हींग का इस्तेमाल अनेक रोगों के रोकथाम के लिए आयुर्वेदिक औषधियाँ बनाने के लिए किया जाता रहा है ।आयुर्वेद चिकित्सा में इसको हिंगु के नाम से भी जाना जाता है ।

हींग का परिचय

अनेक औषधीय गुणों से सम्पन हींग का पौधा भूमध्यसगरीय भागों और एशिया के कुछ देशों में विकसित होता है ।पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए यह रामबाण औषधि मानी जाती है ।औषधीय गुणों से भरपूर यह पौधा भारत देश के पंजाब ,राजस्थान और कश्मीर के कुछ भागों में उगाया जाता है ।भारत देश की हर रसोई के अंदर हींग का इस्तेमाल भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए एक मसाले के रूप में किया जाता है ।यह प्राकृतिक पौधा ४ से ५ मीटर तक ऊँचा हो सकता है ।हींग के पौधे की जड़ को बहुत ही कीमती माना जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार हींग के पौधे की जड़ को अच्छे से सूखा कर हींग बनाई जाती है ।अगर हींग का सेवन सही तरिके से किया जाए तो यह शरीर को स्वस्थ रखने के साथ -साथ अनेक गंभीर बिमारियों से बचाए रखने में मददगार साबित होता है ।इस लेख में हम हींग के आयुर्वेदिक गुणों के बारे में जानेगें जो बिमारियों की रोकथाम में सहायक साबित होते हैं ।

Health Benefits of Hing

Benefits and Ayurvedic Properties of Asafoetida

व्याख्या-

इस श्लोक में कहा गया है कि हींग उष्णवीर्य ,पाचक ,रुचिकर ,तीक्ष्ण ,वात दोष को संतुलित रखने वाली ,शूल ,गुल्म ,उदर संबंधित रोग ,अनाह और त्वचा रोगों को नष्ट करने में सहायक साबित होती है

संदर्भ– भावप्रकाश निघण्टु ,(हरितक्यादिवर्ग ),श्लोक -१०१ ।

आइये जानते हैं इसके लाभकारी आयुर्वेदिक गुणों के बारे में :

पेट की समस्याओं में फायदेमंद

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को पेट से संबंधित कोई भी बीमारी है जैसे कब्ज ,गैस ,पेट दर्द और अल्सर आदि ।इन सभी में हींग का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है ।हींग के अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में एंटी आक्सीडेंट,एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी बैक्टीरियल जैसे महत्वपूर्ण गुण पाए जाते हैं जो आपके पेट में हानिकारक बैक्टीरिया ,संक्रमण ,अपच और पेट की बिमारियों को खत्म करने में मददगार साबित होते हैं ।इसके इस्तेमाल के लिए आपको आधा गिलास पानी के अंदर कुछ टुकड़े हींग के डालकर पानी को उबाल लें और जब पानी गुनगुना सा रह जाए और हींग पानी में घुल जाए तो इस पानी का सेवन खाना खाने के १ घंटे बाद सुबह और शाम सेवन करने से आपकी पाचन क्रिया दुरुस्त बनी रहती है और पेट अनेक बिमारियों से सुरक्षित बना रहता है ।

श्वांस नली को रखे स्वस्थ

अगर किसी भी मनुष्य को श्वांस से संबंधित कोई समस्या है तो उसको हींग का सेवन करना लाभदायक होता है ।आयुर्वेद के अनुसार हींग में एंटी इंफ्लेमेटरी ,एंटी बैक्टीरियल गुण आपकी श्वांस नली को हानिकारक संक्रमण से बचाए रखने में मददगार साबित होते हैं । हींग का नियमित सेवन आपको खांसी ,बलगम ,अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बिमारियों से सुरक्षित रखने में सहायक साबित होता है ।इसके उपयोग के लिए आपको हींग का सेवन भोजन के अंदर मसाले के रूप में रोजाना करने से आप श्वांस से संबंधित बिमारियों से बचे रहते हैं ।

Health Benefits and Properties of hing

मासिक चक्र में लाभदायक

स्त्राव और बहुत ज्यादा दर्द को दूर करने में उत्तम औषधि साबित होती है ।इसके उपयोग के लिए महिलाओं को आधा गिलास लस्सी के अंदर २ से ३ ग्राम हींग चूर्ण ,२ ग्राम सैंधा नमक का मिश्रण करके सुबह और शाम खाना खाने के १ घंटे बाद सेवन करने से मासिक चक्र से संबंधित समस्याएं बहुत जल्दी दूर हो जाती है ।आयुर्वेद के अनुसार यह प्रयोग महिलाओं के लिए वरदान साबित होता है ।आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार हींग का सेवन महिलाओं के लिए रामबाण औषधि माना जाता है ।महिलाओं को मसिकल चक्र के दौरान होने वाली समस्याएं जैसे मासिक चक्र की अनियमितता ,अत्यधिक रक्त

दांत दर्द को दूर करने में सहायक :

हींग को दांत का दर्द दूर करने की महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है ।इसके अंदर एंटी ऑक्सीडेंट ,एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेंटरी जैसे लाभदायक गुण पाए जाते हैं जो आपको हानिकारक संक्रमण से बचाए रखने में मददगार साबित होते हैं ।दांत दर्द से परेशान व्यक्ति को एक छोटा सा टुकड़ा हींग का रख लेने से दर्द बहुत जल्दी खत्म हो जाता है ।

कैंसर को दूर करने में मददगार :

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार हींग को अनेक औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है और इसके अंदर एंटी आक्सीडेंट गुण की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है । यह आपके शरीर में रक्त को शोधन करने के अलावा उसको संतुलित रखने में सहायक साबित होती है ।हींग का नियमित सेवन शरीर के अंदर कैंसर की कोशिकाओं को बहुत जल्दी नष्ट कर देता है ।इसके इस्तेमाल के लिए आपको रोजाना आधा जिसे पानी के अंदर कुछ टुकड़े हींग के डालकर पानी को उबाल लेना चाहिए और पानी के गुनगुना होने पर उसका सेवन करना लाभकारी माना गया है ।

नपुंसकता को दूर करने में सहायक :

आयुर्वेद के अनुसार अगर कोई व्यक्ति यौन कमजोरी के कारण नपुंसकता से ग्रसित हो गया है तो उसको हींग का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है ।इसके उपयोग के लिए आपको ५ से ६ ग्राम हींग को देसी गाय के घी में फ्राई कर लेना चाहिए अब इसके अंदर बरगद से प्राप्त होने वाले दूध के समान तरल पदार्थ की २ से ३ बूंदों का मिश्रण करके रात को सोने से पहले देसी गाय के दूध के साथ सेवन करने से नपुंसकता की समस्या बहुत जल्दी दूर हो जाती है ।आर्वेदिक चिकित्सायु के अनुसार यह प्रयोग नपुंसकता को बहुत जल्दी खत्म करने और यौन शक्ति को तेजी से बढ़ाने में बहुत ज्यादा मददगार साबित होता है ।

शुगर को रखे संतुलित:

आज कल की खराब दिनचर्या और गलत खान पान की वजह से शुगर की बीमारी आज सामान्य सी हो गयी है ।शुगर से पीड़ित व्यक्ति को हींग का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है ।यह आपके शरीर में रक्त के अंदर इन्सुलिन की मात्रा को कम कर शुगर को संतुलित रखने में मददगार साबित होती है ।इसके सेवन के लिए आपको हींग का इस्तेमाल भोजन के अंदर मसाले के रूप में नियमित रूप से करना चाहिए, इस से आप शुगर की बीमारी से सुरक्षित रहते हैं ।यह प्रयोग शरीर में शुगर को सामान्य बनाए रखता है ।